30+ Vabby 731 Shayari in Hindi - Best Attitude Shayari by Vabby 731

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Vabby 731 Shayari

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Vabby 731 shayari

Latest Vabby 731 Shayari

बादे अच्छे लोगों से रिस्ता था हमारा
हमारा यू ही बुरे लोगो मे नाम नही आया
सब नाम के अछेथे, कोई वक्त में काम नही आया
आजी तलबे चाट कर नही चमके
मेहनत वाली बात है
जलने वाले जलते रहो, चाहने वाले साथ है
हकीकत जानते हुए भी
सबने हमारी जडो तक जांच की थी
एक तो महबूब का घर दूर था
ऊपर से पैरो में छपल कांच की थी
एक गरीब से उसका हाल पूछकर भी आप कमाल करते है
हम्मतों पानी है साहब जरूरत से ज्यादा इस्तिमाल करते है
आजी खुदके तालाब किसीके नही सुनते
इसलिए ये जुबान दरार बन चुकी है
बहत जल्द कर लेताथा यकीन किसीपर
यही कमजोरी हथियार बन चुकी है

Best of Vabby 731 Shayari

मेरी नफरत भी सच्ची, तुम्हारी महबत्त भी फर्जी है
क्यों नही जलेंगे ये लोग मुझसे
उष मिट्टी से उठ कर आया हु जिशे इनकी एलर्जी है
एक एक आँशु का बदला लूंगा
तेरे नकाब ने मुझे बहत रुलाया है
और जके तैयारी कर मेरी स्वागत की
तेरे शहर से मेरा बुलावा आयाहै
आँशुओ की किम्मत रोने वालो से पूछो
बेकसूर पलके भिगोने वालो से पूछो
और इधर उधर क्या पूछ रहेहै
हम्म क्या चीज़ है हममे खोने वालो से पूछो
लोंगो को तो बात बनाने का बहाना चाहिए जनाब
जो इनके इसरो पे न नाचे बिगड़ा वाला नाम दे रखा है
और आपने माँ बाप के नजरो में सही हु बहत है
दुनिया वालो का ठेका थोड़ी ले रखा है
जिस तरह है तुम चल रहेहो
एक दिन खुदको अकेला पाओगे
तुम सोचते हो पेशो से सब खरीद लोगे
जब बात खुशियो की आएगी तो किसकी किम्मत लगाओगे

Vabby 731 Shayari

Vabby 731 Shayari in Hindi

इंसान की सोच उसे आगे लेजर जातीहै
किसीका दिमाग छोटा या बड़ा नही होता
और में ईमानदार हु की नेही उसे कोई मतलब नहीं
और बात जहां बेईमानी की होतीहै वोहा में खड़ा नहीं होता
Ensan ki soch ushe aage lejar jatihe
Kisika dimag chhota ya baada nehi hota
Aaur me emandar hu ki nehi ushe koi matlab nehi
Aaur baat jaha beimani ki hotihe woha me khada nehi hota
जिंदगी की हर मूड क एहेमियाद हे
पानी शरीफ तेरा गला नेही जाता
और किसीके छाकर में मत पड़ दोस्त
तेरे परिवार क ालाबा तेरा कोई भला नहीं चाहते
Jindegi ki haar mood k yehemiyad he
Pani shrif tera gala nehi jata
Aaur kisike chhakar me mat pad dost
Tere pariwar k aalaba tera koi bhala nehi chahata 
हमारी गलती है तो चलेगा
तू जान मुझ कर रूठा न हो
ऐसा कोई क़रीबी नही
जो मुझे लूटा न हो
इल्जाम चाहे हजार दे
लेकिन एक भी झूठा न हो
Hamari galti he to chalega
Tu jaan mujh kar rootha na ho
Yesa koi karibi nehi
Jo mujhe loota na ho
Eljam chahe hajar de
Lekin ek bhi jhoota na ho
वॉर बताके किया जौएगा सामने खड़ा हो कर
आदत फराब ने बिगाड़ी है हवा से ठीक नहीं होगी
War batake kiya jauega samne khada ho kar
Aadat pharab ne bigadi he hawa se thik nehi hogi
खरीदने चलते लोग हमे
लेकिन रास्ते में उन्हें औकात याद आगयी
मुड़ गए मुझसे पहचने से पहले ही 
शायद मेरे जमीर की कोई बात याद आगयी
Kharidne chalethe log hume
Lekin raste me unhe aukat yaad aagayi
Mud gaye mujhse pahachne se pehele hi 
Sayad mere jamir ki koi baat yaad aagayi
Vabby 731 Shayari

Vabby 731 Attitude Shayari

हमारी किस्मत का खेल भी क्या निराला है
हुमान्ने जिसको भी दिल से लगाया
उसने दिल से निकला हे
Hamari kismat ka khel bhi kya nirala he
Humanne jisko bhi dil se lagaya
Usne dil se nikala he
न फुरसत है तुमसे न, काम हे कोई
न आदि है तुम्हारे, न आराम ही कोई
केशा सुरूर है तुम्हारा उतरताही नहीं
न नसेड़ी हे हम, न जाम हे कोई
Na furst he tumse na, kam he koi
Na aadi he tumhare, na aaram he koi
Keysha surur he tumhara utartahi nehi
Na nasedi he hum, na jam he koi
जान कोई नही सुनता मेरी मेरे सही होने पर भी
तो मेरी हाट में कलम और कागज आ जाताहै
और कामना तो चाहता हु शरीफ दो बास्केट की रोटी
पर टूटू छत देखकर मन में लालच आ जाताहै
Jan koi nehi sunta meri mere sahi hone par bhi
To meri haat me kalam aaur kagaj aa jatahe
Aaur kamana to chahata hu shrif do backet ki roti
Par tutu chhat dekhkar maan me lalachh aa jatahe
जो गाओं क गवर सोच क हस्ते थे
आज वो अपनी सोच को छोटा मानते है
अब तुम ही देखलो बाप कहा या दादा
तुम्हारी सेहेर में मुझे तबही कहकर जानते हे
Jo gaon k gawar soch k haste the
Aaj wo aapni soch ko chhota mante hai
Aab tum hi dekhlo baap kaha ya dada
Tumhari seher me mujhe tabahi kehekar jante he
दाग धब्बे पसंद नहीं
केदार रखा जाताहै मोती हमसे
और जिसको जाना हे जा सकता हे
किसीकी चमचा गिरी नहीं हो सकती हमसे
Daag dhabbe pasand nehi
Kedar rakha jatahe moti hamse
Aaur jisko jana he ja sakta he
Kisiki chamcha giri nehi ho sakti hamse
Vabby 731 Shayari

Vabby 731 Shayari Lyrics in Hindi

कही इसकभी इस्तिमाल न करले
इसलिए में दोगलो पर सोच समझ कर फुकता हु
और अभी बास्केट है सुधर जाओ
में जलने वालो की गला घुटता हो
Kahi eskabhi estimal na karle
Esliye me dhoglo par soch samajh kar phukta hu
Aaur aabhi backet he sudhar jaoo
Me jalne walo ki gala ghutta hu
चिंता मत करो हम 
जला जला कर रैग करदेंगे
जो हमसे जलते हे
तुम रंग बदलते हो, हम इतिहास बदलते हे
Chinta mat karo hum 
Jala jala kar rag kardenge
Jo humse jalte he
Tum rang badalte ho, hum etihas badalte he
हम तो खामोश रहेंगे 
पसीना बहेगा और हसीना गुलाब देगी
और जलने वाला सवाल तैयार रखो
आब हम्म नहि हमारी तरक्की जवाब देगी
Hum to khamos rehenge 
Pasina behega aaur hasina gulab degi
Aaur jalne wala sawal teyar rakho
Aab humm nehi hamari tarakki jawab degi
गिरने का कोई डर ने
ऐसी बेखौप उड़ान भर चुके हे
और जो चीज़ ये दुनिआ हासिल करना चाहती
वो चीज़ हम कुर्बान कर चुके हे
Girne ka koi dar ne
Yesi bekhop udan bhar chuke he
Aaur jo chis ye dunia hasil karna chahatahe
Wo chis hum kurban kar chuke he
शरीफ किस्से ही तो सुना ही हमारे
तुमने हमारा असली चेहरा नहीं देखा
अभी तो तुमने खेल छोड़ कर चल गया जनवाब
अभी तो हमने पहला पत्ता भी नहीं फेका
Shrif kisse hi to sune he hamare
Tumne hamara aasli chehera nehi Dekha
Aabhi to tumne khel chood kar chal gaya janawab
Aabhi to humne pehela patta bhi nehi pheka
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Vabby 731 Shayari

Best Vabby 731 Shayari

हस्ति खिलती जिंदगी हे मेरी
ें हुस्ना वालीऊ को मेरा दूर से सलाम है
खेमे का मुझपे दूर मत डाला करो
ये गुण वाला का दिल यारो क नाम हे
Hasti khilti jindagi he meri
En husna walioo ko mera dur se salam he
Khame ka mujhpe doore mat dala karo
Ye gon wala ka dil yaaro k naam he
इस ज़माने में मेरा कौन अपना और
कौन पराया मैने सब देख रखा है
ाइर ये अपनी दौलत की आकद मुझे मत दिखा
तेरे जेसे मेने चबाकर फेंक रखहे
Es jamane me mera koun aapna aaur
Koun paraya mene sab dekh rakha he
Aair ye aapni doulat ki aakad mujhe mat dikha
Tere jeyshe mene chabakar fek rakhehe
सुबहा सुरु होनेसे पेहेले
में शुरू हो जाता हु
उठा के कलम पन्नो में खा जाता हु
तब कब दोपहर होतीहै और कब सैम 
मुझे हूस नही रहता
जब कलम बेहोस होजातीहै टैब में भी सो जातहु
Subaha suru honese pehele
Me suru ho jata hu
Utha ke kalam panno me kha jata hu
Tab kab dopahar hotihe aaur kab sam 
Mujhe hoos nehi reheta
Jab kalam behos hojatihe tab me bhi so jatahu
दोस्त अगर कभी तुम्हे जरुरत पड़ी
में अपनी जान तक पोरोस दूंगा
लेकिन मेरे परिवार में ऊँगली मत उठाना
बीच में से फाड़ दूँगा
Dost aagar kabhi tumhe jarurat padi
Me aapni jaan tak poros dunga
Lekin mere pariwar me ungli mat uthana
Bichh me se phad dunga
समझने वाला कोई नही समझने वाला लाखों में
दिल से साथ कोई नही लालच हे सबके आँखों में
Samjhne wala koi nehi samjhane wala lakho me
Dil se sath koi nehi lalach he sabke aakho me

Instagram Vabby 731 Shayari

कांटो पर चलकर अगर मंजिल मिले 
तो घबराना केशा
बेशर्मो की महल्ले पर ेजट्ट मिले तो सर्मना केशा
कामियाबी तुम्हारी होगी और जलेगु ये दुनिआ
और इस दुनिआ को जपनेका बहाना केशा
Kaato par chalkar aagar manjil mile 
to ghabrana keysha
Besarmo ki mahalle par ejatt mile to sarmana keysha
Kamiyabi tumhari hogi aaur jalegu ye dunia
Aaur es duniaa ko japaneka bahana keysha
जानतहुँ की मेरी मंजिल की उडान मेरी पंखो से बड़ी है
और ये बकेक्ट मुझे कहता हे की 
बेटे वो मंजिल भी कुछ खास है जो तेरी सामने खड़ी हे
Jantahu ki meri manjil ki udan meri pankho se badi he
Aaur ye bakect mujhe keheta he ki 
Bete wo manjil bhi kuchh khas he jo teri samne khadi he
कोशिस हे कुछ कर दिखने ही 
में निर्भर अपनी हमदर्दी पे हो
और हार नही मानूंगा ुष खायं तक
जबतक में इस धरती में हु
Koshis he kuchh kar dikhane hi 
Me nirbhar aapni humdardi pe hu
Aaur haar nehi manunga ush khayan tak
Jabtak me es dharti me hu
मेहनत मजदूरी गरीब की
इच्छाये गरीब की
और खून पसीना भी गरीब का
तो ये पैसा क्यों नशिबका
Mehenat majduri garib ki
Echhaye garib ki
Aaur khoon pasina bhi garib ka
To ye paisha kyu nashibka
उधर उनके हाथों में मेहँदी क्या लहि
इधर मेरी  ार्मन पिले हो गए
और एस बास्केट ने हुमी तमसा क्या मरा
हमारव गाल ही जेहरीले हो गए
Udhar unke haatho me mehendi kya lahi
Edhar meri  aarman pile ho gaye
Aaur es backet ne humee tamasa kya mara
Hamarw gaal hi jeherile ho gaye

Vabby 731 Shayari

सोच भी लिया और बिचार भी करलिया
खुदको थोड़ा समझदार भी करलिया
और कोई जिंदगी में आये
रुला कर चले जाये वो सीन गए
हमने आशुओ को बेचकर कारोबार ही करलिया
Sochh bhi liya aaur bichar bhi karliya
khudko thoda samajhdar bhi karliya
Aaur koi jindagi me aaye
Rula kar chale jaye wo sin gaye
Humne aashuo ko bechkar karobaar hi karliya
तेरे सेहेर से गुजरेंगे तो याद तक नही करेंगे
तेरे सामने आजायेंगे तो बात भी नहीं करेंगे
चाट लेना अपनी दौलत शोकः लगाकर
हम इतना कमायेंगे उड़ाकर हिसाब तक नहीं करेंगे
Tere seher se gujrenge to yaad tak nehi karenge
Tere samne aajayenge to baat bhi nehi karenge
Chat lena aapni doulat shoah lagakar
Hum etna kamayenge udakar hisab tak nehi karenge
यु ही नही हम सबसे दूर हो गए
कतल खुद करके खंजर हमारे हाट दे गए थे
और पता हे हम आज कल इतने भरी क्यू बोलते हे
लोग हल्की ले गयेथे
Yu hi nehi hum sabse dur ho gaye
Katal khud karke khanjar hamare haat de gaye the
Aaur pata he hum aaj kal etne bhari q bolte he
Log halkee le gayethe
उलझने बढ़ती रही में झेलता रहा
बास्केट ने मैदान में उतरा में खेलता रहा
लोग कहने लगे तू पागल हो जायेगा
में सुनता रहा
लोगों के बातो को मनमे दबाये
आपने सपने बुनता रहा
कैसे बताओ एनलोगोंको की जेयशे बास्केट बदलेगा
मेरा बिस्वाश बदले गए
तब ये पागल इन लोगों को नही इतिहास बदलेगा
Uljhane badhti rahi me jhelta raha
Backet ne maidan me utara me khelta raha
Log kehene lage tu pagal ho jayega
Me sunta raha
Logon ke baato ko manme dabaye 
Aapne sapne bunta raha
Keyshe batao enlogoko ki jeyshe backet badlega
Mera biswash badle ga
Tab ye pagal en logon ko nehi etihas badlega

Vabby 731 Long Shayari

जिस दिन एकतरफ़ा निभानी पड़ेगी उस दिन बात करेंगे
साबको हक़ीकत बहनी पड़ेगी उस दिन बात करेंगे
ऊँगली की जगह जिम्मे दारी उठानी पड़ेगी उस दिन बात करेंगे
तुम्हे पाकी ोाकए मिल फाई इस्लिये उछरेहहो
जिसदिन पकाकर खानी पड़ेगी उस दिन बात करेंगे
Jis din ektarfa nibhani padegi ush din baat karenge
Saabko hakikat bahani padegi ush din baat karenge
Ungli ki jaga jimme dari uthani padegi ush din baat karenge
Tumhe paki oakae mil fayi esliye uchhareheho
Jisdin pakakar khani padegi ush din baat karenge
किसीके दिल में ऐसे कैसे उतर लोगे तुम
किसीका हक़ खाके अन्दर ही मरोगे तुम
और आगे बढ़ने क लिए हमरा याकिन ही काफी हे
मुझे घायल कर क क्या करलोगे तुम
Kisike dil me yese keyshe utar loge tum
Kisika hak khake aandar hi maroge tum
Aaur aage badhne k liye humra yaakin hi kafi he
Mujhe ghayal kar k kya karloge tum

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